सिडनी से आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गंगा और ब्रह्मपुत्र समेत दक्षिण एशिया की प्रमुख नदियों पर जलवायु परिवर्तन का गंभीर खतरा मंडरा रहा है। इससे में जलवायु परिवर्तन से कभी बाढ़ तो कभी सूखे के हालात पैदा हो सकते हैं।

सिंधु घाटी में प्रतिकूल प्रभाव सबसे ज्यादा
बढ़ता तापमान, अनियमित मानसून और पर्यावरणीय गिरावट सिंधु घाटी को संकट की ओर धकेल रहे हैं। रिपोर्ट में बताया गया कि सिंधु घाटी में जलवायु परिवर्तन का प्रभाव सबसे ज्यादा है। इससे खाद्य सुरक्षा, आजीविका और जल सुरक्षा पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। ब्रह्मपुत्र घाटी में जलवायु परिवर्तन से कभी बाढ़ तो कभी सूखे के हालात पैदा हो सकते हैं।
पानी की उपलब्धता पर पड़ेगा असर
रिपोर्ट में आशंका जताई गई कि ग्लेशियर पिघलने की दर बढऩे से पूरे क्षेत्र में पानी की उपलब्धता प्रभावित होगी। जल संसाधनों को फिर से भरने के लिए महत्त्वपूर्ण मानसून अब जलवायु परिवर्तन के कारण कहीं विनाशकारी बाढ़ ला रहा है तो कहीं शुष्क मौसम पानी का संकट खड़ा कर देता है। ये खतरे समाज के कमजोर समूहों को सबसे ज्यादा प्रभावित करेंगे।
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