बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार तड़के चार बजे मंदिर के कपाट खोलने के पश्चात भगवान महाकाल को जल से स्नान कराया गया। इसके बाद पण्डें-पुजारियों ने दूध, दही, घी, शहद फलों के रस से बने पंचामृत से रुद्राक्ष अर्पित कर राजा स्वरूप श्रृंगार
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