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मंत्री श्री सिलावट ने सांवेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के कार्यों का किया शुभारंभ

सांवेर विधानसभा क्षेत्र में सिंचाई की सुनहरी शुरुआत तीन हजार करोड रूपये से अधिक की इस परियोजना से सांवेर विधानसभा क्षेत्र के 189 गांवों को मिलेगा सिंचाई के लिए पानी

    जल संसाधन मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट ने सांवेर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना का तीन स्थानों पर कार्यों का शुभारंभ किया। 3046.99 करोड़ रूपये की  इस परियोजना में सांवेर विधानसभा क्षेत्र के 189 गांवों को सिंचाई के लिए खेतों में पानी मिलेगा। ग्राम कम्पेलपिवडाय एवं पीपल्दा में कार्य शुभारंभ कार्यक्रम के अवसर पर मंत्री श्री सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में चहुंओर विकास के कार्य हो रहे हैं। मध्यप्रदेश सरकार प्रदेश के हर एक किसान के खेत तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने के लिये कटिबद्ध है। उन्होंने कहा कि नर्मदा मैया मध्यप्रदेश ही नहीं राष्ट्र का गौरव है। हमारे राष्ट्र की आत्मा हमारे गाँव में बसती है। जल है तो कल हैजल है तो जीवन है। उन्होंने कहा कि यह अहिल्या माता का प्रताप हैजो उसी की बुनियाद पर नर्मदा का जल हर खेत को मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान राऊ विधायक श्री मधु वर्मापूर्व विधायक श्री जीतू जिरातीश्री देवराज सिंह परिहारश्री रवि रावलियाजनपद अध्यक्ष श्री विश्वजीत सिंह सिसोदियाश्री वीनू चौधरीश्री मुरली व्यासजिला पंचायत सदस्य श्री रामेश्वर चौहानश्री ब्रजमोहन राठी सहित अन्य उपस्थित थे।

    श्री सिलावट ने बताया कि इस परियोजना से पिवडाय में 1222 हेक्टेयरकंपेल में 2136 हेक्टेयर तथा पीपल्दा में 1100 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। आगामी दो वर्षों में इस परियोजना का कार्य पूर्ण कराया जाकर किसानों को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध करने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से सिंचाई के लिए 226 ग्राम लाभान्वित होंगेजिसमें  इंदौर जिले की खुड़ेल तहसील के 46 गांवकनाडिया तहसील के 26 और सांवेर तहसील के 80 ग्रामों के किसानों के खेतों में पानी पहुँचेगा और यहां के किसान लाभान्वित होंगे।

सांवेर माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना

    मंत्री श्री सिलावट ने बताया कि सांवेर माईक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना की लागत राशि 3046.99 करोड़ रूपये की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति 05 अगस्त 2021 को शासन स्तर से प्राप्त हुई। इस परियोजना में औंकारेश्वर जलाशय ग्राम बड़ेल के समीप से 31 क्यूमेक्स जल का उद्वहन किया जायेगा। जिसमें से 28 क्यूमेक्स जल 80,000 हेक्टेयर क्षेत्र सिंचाई के प्रयोजन एवं 3 क्यूमेक्स जल उद्योग एवं पेयजल प्रयोजन हेतु उपयोग किया जायेगा।

    इस परियोजना से सिंचाई के लिए 226 ग्राम लाभांवित होंगे। जिसमें इंदौर जिले अंतर्गत तहसील खुडेल के 46 ग्राम, (20145 हेक्टेयर)तहसील कनाडिया के 26 ग्राम, (9065 हेक्टेयर) एवं तहसील सांवेर के 80 ग्राम, (लगभग 35576 हेक्टेयर)क्षेत्र लाभांवित होंगे एवं खरगोन जिले अंतर्गत तहसील बडवाह के 51 ग्राम (9336 हेक्टेयर)तहसील सनावद 16 ग्राम, (3664 हेक्टेयर) क्षेत्र लाभांवित होंगे तथा उज्जैन जिले अंतर्गत तहसील उज्जैन ग्रामीण के 7 ग्राम (2214 हेक्टेयर) क्षेत्र लाभांवित होंगे। परियोजना की पर्यावरण स्वीकृति 17 मई 2023 एवं वन स्वीकृति 01 अगस्त 2024 को प्राप्त हो चुकी है।

     परियोजना के निर्माण कार्य का अनुबंध मेसर्स मेघा इंजीनियरिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड हैदाराबाद से राशि 2788.53 करोड़ रूपये का 14 जनवरी 2022 को अनुबंध किया गया। परियोजना अंतर्गत वर्तमान में वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। परियोजना अंतर्गत सांवेर तहसील में ग्राम हतुनिया के समीप यार्ड स्थापित किया गया है। परियोजना अंतर्गत वर्तमान में सांवेर तहसील में लगभग 15 किलोमीटर में लेईंग कार्य पूर्ण किया जा चूका है एवं कार्य प्रगतिरत है। परियोजना में सांवेर तहसील अंतर्गत एचडीपीई पाइप लेईंग कार्य प्रारंभ किया जा चूका है एवं ग्रीष्म काल में युद्ध स्तर पर संसाधन जुटा कर आगामी 2 वर्षों में कार्य पूर्ण किया जाकर किसानो को सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराये जाने का लक्ष्य है।

     10 परियोजना में सांवेर तहसील अंतर्गत लगभग 1800 OMS बॉक्स स्थापित किये जायेगें। प्रति 20 हेक्टेयर चक पर एक OMS बॉक्स स्थापित किया जाएगा एवं प्रत्येक 2.5 हेक्टेयर चक पर 1 आउटलेट होगाजिससे किसान 23 मीटर प्रेशर के साथ ड्रिप एवं स्प्रिंकलर सिंचाई पद्धति से सिंचाई कर सकेंगे। परियोजना में उच्च स्तरीय स्काडा तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। परियोजना में कुल 6 पंप हाउस प्रस्तावित है। परियोजना में 155 मेगावाट विद्युत की खपत होगी।

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